जांजगीर-चांपा में 52 लाख की गड़बड़ी को लेकर याचिका
जांजगीर-चांपा में 52 लाख की गड़बड़ी को लेकर याचिका
जांजगीर-चांपा में जिला खनिज न्यास मद (DMF) में 52 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस केस में जिला पंचायत ने दोषी अफसरों पर कार्रवाई करने के बजाए एक फेकल्टी मेंबर की सेवा समाप्त कर दी है।
याचिकाकर्ता चंद्रहास जायसवाल ने एडवोकेट प्रतीक शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने बताया है कि जिला पंचायत जांजगीर-चांपा में मुख्यमंत्री सशक्तीकरण योजना के तहत संकाय सदस्य के पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद के अंतर्गत कौशल विकास और रोजगार चयन में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण सह टूल्स प्रदाय व अन्य कार्य के लिए 30 मार्च 2021 को 52 लाख 4 हजार 500 रुपए की राशि की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। जांच में 52 लाख रुपए की गड़बड़ी पाई गई, जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
इस नोटिस के बाद भी सुनवाई के दौरान जिला पंचायत CEO की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। तब जस्टिस व्यास ने नाराजगी जाहिर करते हुए CEO को घोटाले की फाइल सहित सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।

